सुबह से बहुत परेशान मे है | नया घर बनाने की आग्रह के कारण दौड़ रहा हुं | क्या करूं ? हर कही पैसे की ही ज़रूरत है | पहले ऐसा नहीं था | आपस में सहायता करने का मन लोगों में थे | विशवास था , भरोसा था, समाज में | लेकिन आजकल ऐसा समाचार सुन रहा है - इसमे मनुष्यता का अभाव है | हमारे समाज क्यों इस तरह बदल रहे हैं , इसके बारे में सोचना है | समाज के वातावरण में बदलाव आने के कारण , लोगों के दृष्ठि कोणों में भी बदलाव आये हैं |
इस अवस्था में बच्चों को अवगत करना है | समाज में कोई बदलाव लाना है तो बच्चों से ही शुरू करना है | बच्चों को सु -चरित्र बनाने के लिए अच्छा माहोल तैयार करना है| इसके लिए हमें एक साथ काम करना है |
hai,satheesh.nice-----but i don't know what u write in the blog----write also malayalam transalation -----all the best
ReplyDelete